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राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं समाज कल्याण परिषद एक राष्ट्रहित, मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के लिए समर्पित संगठन है, जो संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा एवं समाज के शोषित, पीड़ित, कमजोर एवं वंचित वर्गों को न्याय दिलाने हेतु निरंतर कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य केवल सामाजिक सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि मानवाधिकारों के उल्लंघन, प्रशासनिक लापरवाही, महिला उत्पीड़न, बाल शोषण, भ्रष्टाचार, सामाजिक अन्याय एवं अपराधों के विरुद्ध वैधानिक एवं संवैधानिक स्तर पर प्रभावी संघर्ष करना है।
परिषद भारत के संविधान, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, महिला एवं बाल सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अंतर्गत कार्य करते हुए पीड़ित व्यक्तियों को कानूनी मार्गदर्शन, प्रशासनिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रिया तक पहुँच उपलब्ध करवाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाती है। संस्था प्रत्येक उस व्यक्ति की आवाज़ बनने का संकल्प रखती है जिसे भय, दबाव, प्रभाव या भ्रष्ट तंत्र के कारण न्याय प्राप्त नहीं हो पा रहा हो।
आज समाज में अनेक पीड़ित परिवार प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक दबाव, आर्थिक कमजोरी एवं सामाजिक भय के कारण अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते। ऐसे प्रत्येक मामले में परिषद वैधानिक अधिकारों के अंतर्गत संबंधित विभागों, पुलिस प्रशासन, न्यायालय एवं सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष तथ्यात्मक एवं कानूनी रूप से मजबूत कार्यवाही हेतु प्रयास करती है।
संस्था विशेष रूप से महिला सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा, बाल मजदूरी, मानव तस्करी, साइबर अपराध, सामाजिक शोषण, गरीब एवं असहाय परिवारों की सहायता, शिक्षा जागरूकता, युवा सशक्तिकरण तथा मानव सेवा के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से अभियान संचालित कर रही है। परिषद का स्पष्ट मानना है कि कानून से ऊपर कोई व्यक्ति, संस्था अथवा पद नहीं हो सकता, और प्रत्येक नागरिक को संविधान के अनुसार सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है।
परिषद किसी भी प्रकार के मानवाधिकार हनन, महिला उत्पीड़न, बाल शोषण, सामाजिक अन्याय, भ्रष्टाचार, दबंगई, प्रशासनिक लापरवाही एवं गैरकानूनी गतिविधियों के विरुद्ध वैधानिक सीमाओं के अंतर्गत कठोर एवं संगठित आवाज़ उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा हेतु ज्ञापन, शिकायत, जनजागरूकता अभियान, प्रशासनिक पत्राचार, कानूनी परामर्श, मीडिया संवाद एवं शांतिपूर्ण संवैधानिक आंदोलनों के माध्यम से कार्य करती है।
हमारे प्रमुख उद्देश्य
• मानवाधिकारों की रक्षा एवं संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण
महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्यवाही हेतु प्रयास
दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा एवं सामाजिक शोषण के मामलों में पीड़ित सहायता
बाल मजदूरी, बाल शोषण एवं मानव तस्करी के विरुद्ध अभियान संचालित करना
भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही एवं सामाजिक अन्याय के विरुद्ध जनआवाज़ बनना
गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं कानूनी सहयोग प्रदान करना
युवाओं में संविधान, कानून एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता फैलाना
शिक्षा, महिला सुरक्षा एवं सामाजिक समानता को बढ़ावा देना
पीड़ितों को उचित विभागों एवं न्यायिक प्रक्रिया तक पहुँच सुनिश्चित करवाना
राष्ट्रहित एवं मानवता के मूल्यों की रक्षा हेतु संगठित सामाजिक कार्य करना
हमारा दृष्टिकोण
एक ऐसा राष्ट्र जहाँ प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त, सम्मानजनक एवं न्यायपूर्ण जीवन प्राप्त हो तथा किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, लिंग, आर्थिक स्थिति या सामाजिक प्रभाव के आधार पर अन्याय न हो।
हमारा संकल्प
“अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, मानवता के सम्मान की रक्षा एवं संविधान के अधिकारों को प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना ही हमारा संकल्प है।”
Team
दिव्या जैन
राष्ट्रीय अध्यक्ष
उदित नारायण
राष्ट्रीय महासचिव
कुमकुम शर्मा
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
नीरज शर्मा
राष्ट्रीय विधिक सलाहकार
वेद प्रकाश सिसोदिया
राष्ट्रीय समन्वय सलाहकार
सना खान ( अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ )
राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष
देवांशु शर्मा
राष्ट्रीय युवा समन्वयक
डॉ. चन्द्र सिंह भाटी
मुख्य समन्वयक प्रशिक्षक
अंकित जैन
प्रदेश अध्यक्ष
प्रवीना शर्मा
राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष
लोकेन्द्र पाटनी
राष्ट्रीय मजदूर संघ अध्यक्ष
दीपक कुमार ठाकुर
राष्ट्रीय प्रमुख सलाहकार
रिषभ निर्वाण
प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ)